में बंद कर मेहंदी लगवाने गई मां

राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में एक दंपती की बड़ी लापरवाही सामने आई। दंपती करवाचौथ वाले दिन 8 माह की बच्ची के साथ मार्केट गया था। वहां बच्ची की मां मेहंदी लगवाने लगी और पिता कुछ सामान खरीदने चले गए। दोनों ने 8 माह की बच्ची को कार में ही छोड़ दिया।

कार में बंद बच्ची का दम घुटने लगा तो वह रोने लगी थी। इसे देख आसपास के लोग वहां रुक गए और बच्ची के माता-पिता की तलाश करने लगे। कार के आसपास कोई नहीं मिला तो थोड़ी दूर गश्त कर रहे एक सब इंस्पेक्टर एनपी सिंह को जानकारी दी गई। सब इंस्पेक्टर ने बच्ची की हालत देखकर तुरंत कार की पिछली सीट का शीशा तोड़कर गेट खोला और बच्ची को बाहर निकाला।

बच्ची रोते हुए कार के शीशे पर हाथ मारने लगी: मामला नोएडा के फेज-2 थाना के सेक्टर-110 मार्केट का है। दंपती ने बच्ची को ड्राइविंग सीट के पास वाली सीट पर बैठा एक चाबी रिंग देकर मार्केट चले गए। कार में बंद करने के 25 मिनट बाद बच्ची को ऑक्सीजन की कमी होने लगी थी। जिससे उसका दम घुटने लगा। इस पर बच्ची कार के शीशे से बाहर देखते हुए हाथ मारने लगी थी। 

10 मिनट बाद मेहंदी लगाए पहुंची मां: सब इंस्पेक्टर एनपी सिंह ने बताया कि मोबाइल की टॉर्च ऑन कर बच्ची को मदद का भरोसा दिलाया और कार की पिछली सीट के विंडो तोड़ दी। कार का गेट खोल बच्ची को बाहर निकाला। तब तक बच्ची बेहोश होने की स्थिति में थी। इसके 10 मिनट बाद मेहंदी लगाए हुए मां पहुंची। बच्ची की मां-पिता को लापरवाही न करने के लिए समझाया गया।

इस बारे में अपोलो अस्पताल के सीनियर डॉक्टर राकेश कुमार ने बताया कि अगर थोड़ी देर और बच्ची को कम ऑक्सीजन मिलती तो उसके ब्रेन में दिक्कत आने के साथ जान के लिए भी खतरा हो सकता था।

इस कार में स्लिट हेडलाइट्स दिए गए है जो led लाइट्स हो सकते हैं। इसके साथ ही टाटा ने इस कार के फ्रंट ग्रिल को अपनी बाकी कारों से बिल्कुल अलग बनाया है। टाटा हैरियर को टाटा की न्यू इंफेक्ट डिजाइन 2.0 फिलोस्फी पर डिजाइन किया गया है।

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